40 Desh Prem Kavita In Hindi | देश प्रेम पर कविताएँ


देश प्रेम, या देशभक्ति, एक ऐसा अद्भुत और पवित्र भावना है जो हर व्यक्ति के दिल में बसती है। यह अपने देश के प्रति निस्वार्थ प्रेम, सम्मान और समर्पण की भावना है। देश प्रेम हमें अपने देश की संस्कृति, इतिहास, और मूल्यों के प्रति गर्व महसूस कराता है। यह भावना हमें अपने देश की सेवा करने, उसकी रक्षा करने, और उसकी उन्नति के लिए कार्य करने की प्रेरणा देती है। एक सच्चा देशभक्त अपने देश के कल्याण के लिए किसी भी प्रकार के बलिदान के लिए तत्पर रहता है, और देश के विकास में अपना योगदान देने के लिए हमेशा अग्रसर रहता है।


देश प्रेम पर कविताएँ

कविता 1: देश की धारा

देश की धारा में बहते हैं हम,
प्रेम की माला पिरोते हैं हम।
भारत माता की शान बढ़ाने,
हर बलिदान को तत्पर हैं हम।

कविता 2: वीर सैनिक

वीर सैनिकों की गाथा सुनो,
उनकी वीरता को जानो।
सीमा पर जो रातें बिताते,
हमारे देश की रक्षा में जान लगाते।

कविता 3: ध्वज की शान

तिरंगा हमारा गर्व है,
इसके रंगों में हमारी जान है।
उचाईयों में लहराते इसे देख,
हर भारतीय की आँखें नम हैं।

कविता 4: माँ का प्यार

माँ का प्यार है अनमोल,
देश की सेवा है उसका बोल।
धरती माँ की रक्षा में,
जीवन का हर क्षण है समर्पित।

कविता 5: अमर शहीद

अमर शहीदों की गाथा,
कहती है हमें हर बाता।
देश के लिए जो कुर्बान हुए,
उनकी वीरता है अपरम्पार।

कविता 6: स्वतंत्रता

स्वतंत्रता की कीमत,
जो हमने पाई बलिदानों से।
इस धरोहर को सहेजें हम,
अगली पीढ़ी को सिखाएँ हम।

कविता 7: देश की माटी


देश की माटी की खुशबू,
हर भारतीय के दिल में बसी।
इसके कण-कण में बसी है प्रेम कहानी,
हम सबकी है यही जुबानी।

कविता 8: जय जवान


जय जवान, जय किसान,
हमारे देश की है यही पहचान।
सैनिक और किसान, दोनों महान,
भारत माता की करते रक्षा, यही हमारा मान।

कविता 9: स्वाभिमान

देश का स्वाभिमान है ऊँचा,
हर भारतीय का सिर है ऊँचा।
इस धरोहर को सहेजें हम,
देश के प्रेम में जीएं हम।

कविता 10: भारत माता की जय


भारत माता की जय बोलो,
हर दिल से आवाज़ निकालो।
इस धरा पर जन्म लिया है,
इसकी माटी का कर्ज़ चुकाओ।

कविता 11: देश की सेवा


देश की सेवा में जीवन अर्पित,
हर बलिदान को है समर्पित।
भारत की माटी से जन्म लिया,
इसके लिए जीना, इसके लिए मरना।

कविता 12: वीरता की कहानी

वीरता की कहानी सुनाओ,
देशभक्ति का जज्बा जगाओ।
हर सैनिक की वीरता को,
दिल से सलाम पहुँचाओ।

कविता 13: नारी शक्ति

देश की नारी शक्ति महान,
हर क्षेत्र में बना रही पहचान।
देश की सेवा में वे भी आगे,
हर संकट से लड़ने को तैयार।

कविता 14: देश का भविष्य


देश का भविष्य हमारे हाथ में,
नई पीढ़ी को सिखाएँ सच्चाई।
देश प्रेम का भाव जगाएं,
हर दिल में उत्साह भरें।

कविता 15: अमर बलिदान

अमर बलिदान की गाथा,
देशभक्ति का गूंज उठाता।
उनकी शहादत को न भूलें,
देश प्रेम का दीप जलाएँ।

कविता 16: हमारा कर्तव्य

देश प्रेम हमारा कर्तव्य,
इसका पालन करना अनिवार्य।
भारत माँ की सेवा में,
हर भारतीय का जीवन समर्पित।

कविता 17: जवानों की शान

जवानों की शान है भारत,
उनकी वीरता से चमकता है भारत।
सीमा पर वे जो संघर्ष करते,
हम सबकी आँखों में गर्व भरते।

कविता 18: देश की धरती

देश की धरती माँ के चरण,
हम सबकी है यही पहचान।
इस माटी में पले-बढ़े हम,
इसे नमन करते हैं हर क्षण।

कविता 19: एकता का संदेश

एकता में शक्ति है,
हमारे देश की यही पहचान।
मिल-जुलकर रहें हम सब,
देश की रक्षा में आगे बढ़ें।

कविता 20: भारत की माटी

भारत की माटी है महान,
इसकी खुशबू में बसी है जान।
हर भारतीय का है यही सपना,
इसकी रक्षा में हो हर बलिदान।

कविता 21: भारत की शान

भारत की शान में, हम सबका है सम्मान।
इसके गौरव को बढ़ाने में, हमारा है योगदान।
माँ भारती के चरणों में, सारा जीवन करें समर्पण।

कविता 22: देश का प्रेम

देश का प्रेम है निराला,
इसके आगे सब कुछ है हारा।
भारत माता की जय बोलो,
हर दिल से इसको जोड़ो।

कविता 23: वीरता का प्रतीक

वीरता का प्रतीक हमारा देश,
हर सैनिक का है इसमें योगदान।
जिन्होंने दी है अपनी कुर्बानी,
उनका मान-सम्मान रखें हम सब।

कविता 24: तिरंगे की जय

तिरंगे की जय बोलें हम,
हर रंग में प्रेम है गूंजता।
इसकी लहरों में बसी है,
हमारी संस्कृति की मिठास।

कविता 25: सीमा पर प्रहरी

सीमा पर प्रहरी जो खड़े हैं,
उनकी वीरता को नमन करें।
देश की रक्षा में तत्पर,
उनकी गाथा सबको सुनाएं।

कविता 26: देश का अभिमान

देश का अभिमान हमारा,
इसकी रक्षा में है जान हमारा।
माँ भारती के चरणों में,
हर सुख-दुःख करें समर्पित।

कविता 27: वीरता की मिसाल

वीरता की मिसाल जो बने,
उनके कदमों में श्रद्धा रखें।
देश की सेवा में आगे बढ़ें,
उनकी राहों पर चलें हम सब।

कविता 28: देशभक्ति की ज्योत

देशभक्ति की ज्योत जलाएं,
हर दिल में प्रेम का दीपक जलाएं।
भारत माता की आराधना करें,
हर कदम पर उसका मान बढ़ाएं।

कविता 29: स्वाभिमान की धरोहर

स्वाभिमान की धरोहर हमारी,
देशभक्ति की प्रेरणा प्यारी।
भारत की माटी में बसी है,
हमारी हर धड़कन की बात।

कविता 30: हमारी संस्कृति

हमारी संस्कृति की पहचान,
देश प्रेम में बसी है जान।
हर भारतीय का यही सपना,
भारत माँ की सेवा करना।

कविता 31: देश की मिट्टी

देश की मिट्टी की महक,
हर दिल में बसी है।
इसकी खुशबू से महकती,
हमारी सारी दुनिया है।

कविता 32: जवानों की गाथा

जवानों की गाथा सुनाएं,
उनकी वीरता की बात बताएं।
देश के लिए जो कुर्बान हुए,
उनकी यादों को संजोएं।

कविता 33: हमारा भारत

हमारा भारत महान है,
इसकी माटी में जान है।
हर भारतीय का गर्व है,
इसकी सेवा में सब अर्पित है।

कविता 34: नमन करें

नमन करें उन वीरों को,
जो देश की रक्षा में जुटे हैं।
उनकी शहादत को सलाम,
हर भारतीय का है अभिमान।

कविता 35: देशभक्ति की राह

देशभक्ति की राह पर चलें,
हर मुश्किल को सहें।
भारत माँ की सेवा में,
हर पल अपना जीवन अर्पण करें।

कविता 36: वीर जवान

वीर जवान हमारे रक्षक,
देश की सीमा के प्रहरी।
उनकी वीरता को नमन,
हमारी सच्ची श्रद्धा का प्रतीक।

कविता 37: मातृभूमि का प्यार

मातृभूमि का प्यार अनमोल,
इसकी सेवा में जीवन है अर्पित।
भारत माँ के चरणों में,
हर बलिदान को समर्पित करें।

कविता 38: देश का स्वाभिमान

देश का स्वाभिमान हमारी पहचान,
हर दिल में बसे यही अरमान।
भारत माँ की सेवा में,
हर सुख-दुःख को सहें हम।

कविता 39: स्वाधीनता का पर्व

स्वाधीनता का पर्व है महान,
हर दिल में इसका सम्मान।
बलिदानों से मिली है जो आज़ादी,
उसका मोल समझें हर एक भारतीय।

कविता 40: ध्वज का मान

ध्वज का मान रखे ऊँचा,
हर भारतीय का यह कर्तव्य।
इसके रंगों में बसी है,
हमारी संस्कृति और सम्मान।